प्रीति मर्डर मिस्ट्री: क्या प्लानिंग के तहत हुई हत्या? आरोपी की VIP तस्वीरों से उठे बड़े सवाल

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ऋषिकेश शिवाजी नगर में एक तलाकशुदा महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात 10 बजे जब महिला घर पर अकेली थी तभी एक युवक बाइक से गली में आया और दरवाजा खटखटाया। जैसे ही महिला ने दरवाजा खोला तो युवक ने जाली वाले दरवाजे से पिस्टल सटाकर गोली चला दी, जो सीधे महिला के सीने पर लगी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

युवक ने दरवाजा खटखटाया और महिला को गोली मार दी। ऋषिकेश में हुई इस वारदात से हर कोई स्तब्ध है। महिला की पहचान प्रीति रावत (32) निवासी यमकेश्वर के रूप में हुई है। शिवाजी नगर में किराये पर कमरा लेकर पिछले एक साल से रह रही थी और आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से एम्स में नौकरी करती थी। हत्या एक सोची-समझी योजना के तहत की गई है।

पुलिस का मानना है कि मामले में आरोपी सुरेश ने प्रीति की हत्या की योजना काफी पहले बना ली थी। हत्या के तरीके और सुरेश का शातिर अपराधी की तरह व्यवहार स्पष्ट करता है कि प्रीति की हत्या अचानक उत्पन्न हुई परिस्थितियों से आवेश में आने के कारण नहीं बल्कि एक सोची-समझी योजना के तहत की गई है।

हत्या के बाद आरोपी सुरेश अपने वाहन (स्कूटी और कार) शहर में ही छोड़ कर चला गया। सुरेश की कार आवास विकास के समीप व स्कूटी नगर निगम के समीप मिली है। बताया जा रहा है कि वह घटना स्थल तक स्कूटी से पहुंचा था और बाद में अपने वाहन शहर में ही छोड़ कर बस या किसी अन्य साधन से फरार हो गया।

हत्या को अंजाम के बाद से सुरेश एक शातिराना अपराधी की तरह व्यवहार कर रहा है। सुरेश ने हत्या वाले दिन केवल प्रीति और उसके परिजनों से ही फोन पर बात की हैै। जिससे पुलिस अन्य किसी व्यक्ति से कड़ी जोड़ कर सुरेश तक नहीं पहुंच पाई है। सुरेश ने घटना के बाद से मोबाइल भी स्विच ऑफ किया है।

सुरेश के शहर से काफी दूर चले जाने की आशंका जताई जा रही है।पुलिस जल्द सुरेश को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है, जिससे यह भी स्पष्ट हो रहा है कि सुरेश पुलिस की रडार पर है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट का कहना है कि सुरेश का यह शातिराना व्यवहार बताता है कि हत्या अचानक उत्पन्न हुई परिस्थितियों में नहीं बल्कि काफी पहले से बनाई जा रही एक सोची समझी साजिश के बाद की गई है।


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