साइकिल के साथ फिटनेस का संकल्प, देहरादून में 1000+ प्रतिभागियों ने रचा नया जोश

Share the Post

देहरादून। शहर के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में रविवार को “फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल” के 61वें संस्करण का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया।
उत्तराखंड की पहाड़ियों, सर्दियों की सुनहरी धूप और साल वृक्षों से घिरे वातावरण में हुए इस कार्यक्रम ने फिटनेस, सामुदायिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम का आयोजन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार तथा अन्य सहयोगियों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इसमें 1000 से अधिक साइकिल चालकों ने भाग लिया, जिनमें स्कूली छात्र, युवा, पेशेवर, वरिष्ठ नागरिक और फिटनेस प्रेमी शामिल रहे। पूरा परेड ग्राउंड ऊर्जा, संगीत और उत्साह से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित खिलाड़ियों और फिटनेस आइकनों की उपस्थिति रही, जिन्होंने प्रतिभागियों को नियमित व्यायाम, अनुशासन और सक्रिय जीवनशैली के महत्व के प्रति जागरूक किया।
इस दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति खिलाड़ी हो या नहीं, उसमें खेल भावना अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि यही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाती है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली से प्रेरणा लें, जिन्होंने फिटनेस और अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया है।
“फिट इंडिया संडेज़ ऑन साइकिल” पहल की शुरुआत दिसंबर 2024 में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने की थी, जो अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।
देशभर में लाखों नागरिक इस अभियान से जुड़ चुके हैं। यह पहल #FightObesity और #PollutionKaSolution जैसे विषयों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए प्रेरित करती है।
प्रतिभागियों ने साइकिलिंग के साथ योग सत्र, वार्म-अप ड्रिल और सामुदायिक संवाद में भाग लिया, जिससे यह आयोजन एक समग्र स्वास्थ्य उत्सव बन गया। स्थानीय लोगों ने इसे केवल व्यायाम नहीं, बल्कि सामुदायिक जुड़ाव और प्रेरणा का मंच बताया।
उल्लेखनीय है कि फिट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत 29 अगस्त 2019 को नागरिकों को दैनिक जीवन में फिटनेस अपनाने के उद्देश्य से की गई थी।
देहरादून में आयोजित यह 61वां संस्करण एक बार फिर यह साबित करता है कि “फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल” अब केवल साप्ताहिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सहभागिता और सकारात्मक जीवनशैली का राष्ट्रीय अभियान बन चुका है।


Share the Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *