धामी सरकार का बड़ा फैसला! पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता से मिलेगा शस्त्र लाइसेंस?

Share the Post

देहरादून: राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार ,पूर्व सैनिकों के नई शस्त्र लाइसेंस नीति लाए जाने पर विचार कर रही है,इसके लिए गृह विभाग में विचार विमर्श चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक पूर्व सैनिकों के बढ़ते जमीनी विवादों को सुलझाने उन्हें निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर भी धामी सरकार में विमर्श का दौर चल रहा है।

पूर्व सैनिकों में रिटायरमेंट के बाद ये इच्छा भावना रहती है कि उनके पास आत्म रक्षा के लिए शस्त्र हो, सैनिक की सेवा अवधि में उनके काँधे में लटकी बंदूक से उनका एक अलग तरह से रिश्ता रहता जो उन्हें देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार रहने को प्रेरित करता है। साथ ही उन्हें उनकी बंदूक से लंबे समय तक प्राइवेट सेक्टर में नौकरी के लिए अवसर प्रदान करता है।

पूर्व सैनिकों की ये मांग रही है कि उन्हें शस्त्र लाइसेंस प्राथमिकता से दिए जाए। उनकी इस मांग पर धामी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।

धामी सरकार ने अग्निवीर योजना रिटायर हो कर आ रहे सैनिकों के नौकरियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण ,पुलिस,जेल प्रहरी, वन सुरक्षा में दिए जाने की घोषणा की हुई है, सरकार ने इन सभी विभागों को कह दिया है कि वे आने वाले दिसंबर माह से पूर्व, नौकरियां के लिए वेकेंसी निकालें। सरकार का ये भी मानना ह कि आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों को सेना द्वारा प्रशिक्षित और अनुशासित युवा मिलने से उनका एक बड़ा खर्चा कम हो जाएगा।

धामी सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में भी ये संदेश दिया है कि वे राष्ट्रहित में अग्निवीर पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करे। इसके साथ साथ इनके लिए स्व रोजगार के लिए भी सरकार योजना बना रही है।

सूत्रों के मुताबिक पूर्वसैनिकों की तरह पूर्व अर्ध सैनिको के कल्याण संबंधी योजनाओं को लिए भी विमर्श अंतिम चरण में है।

जानकारी के मुताबिक धामी सरकार ये भी चाहती है कि रिटायर होकर आने वाले सैनिकों और उनके बच्चों के को राष्ट्र निर्माण के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जोड़ा जाए,ताकि उनका बेहतर भविष्य सुनिश्च हो सके।

क्या कहते है कर्नल अजय कोठियाल

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल ( रि.) अजय कोठियाल का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ पूर्व सैनिक कल्याण विषय पर कई दौर का विमर्श हुआ है, शासन स्तर पर भी श्री धामी के निर्देश पर बहुत से विषयों पर संवाद हुआ है।उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस पर निर्णय लेने जा रही है।

कर्नल कोठियाल कहते है कि समान नागरिक पेंशन योजना से लाखों पूर्व सैनिकों को फायदा हुआ है, पीएम मोदी ने राष्ट्र को एक मजबूत सुरक्षा कवच तो दिया ही है साथ ही पूर्व सैनिकों के लिए भी बहुत सी ऐसी योजनाएं दी है जिसकी माँग हम सर्विस में रहते हुए कई सालों से कर रहे थे।

सीएम धामी का बयान :
मै स्वयं एक सैनिक पुत्र हूं,देवभूमि उत्तराखंड वीरों की भूमि है, हमारे वीरों ने राष्ट्र सुरक्षा को सर्वोपरि माना है, सेवा अवधि के बाद सैनिकों के कल्याण के लिए पीएम मोदी ने विशेष तौर पर हमे दिशा निर्देश दिए हुए है, हमारी सरकार पूर्व सैनिकों,पूर्व अर्ध सैनिको के लिए, एक सेवक के रूप में काम कर रही है। हमारी सरकार इनके बेहतर भविष्य के लिए नए प्रस्तावों पर विचार कर रही है। देवभूमि उत्तराखंड में भव्य सैन्यधाम की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में है। पूर्व सैनिक का हर घर, हमारा परिवार है।


Share the Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *