देहरादून। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री संदीप राणा ने अपनी ही सरकार की दायित्वधारियों की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए तीखा बयान दिया है। राणा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे प्रदेश में सैकड़ों दायित्वधारियों की नियुक्ति अनावश्यक है और यह राज्य की सीमित संसाधनों पर बोझ है।
वीडियो में राणा ने पूछा, “मैं रोज देख रहा हूं कि फलां व्यक्ति को दायित्व, फलां व्यक्ति को दायित्व। आखिर उत्तराखंड प्रदेश में दायित्वधारियों की इतनी आवश्यकता क्या है? यह तो छोटा सा ऊपर से दुनिया भर के दायित्वधारी हो गए हैं।”
राणा के मुख्य सवाल
राणा ने सभी दायित्वधारियों से सीधे सवाल किया:
• माननीय मुख्यमंत्री जी ने जिन आशाओं के साथ दायित्व सौंपे, क्या आप उन पर खरे उतर रहे हैं?
• क्या आपको वाहन, कार्यालय और सरकारी संसाधन दिए गए? क्या जनता आपके कार्यालय में आती है?
• आपने कितने क्षेत्रों का दौरा किया? जनता के बीच कितनी बार पहुंचे?
• गाड़ी के लिए तेल दिया गया, उसका उपयोग कहां हो रहा है?
उन्होंने दायित्वधारियों से अनुरोध किया कि वे हर माह अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करें। राणा ने कहा, “आप स्वयं पत्र जारी कीजिए कि हमने जनता के हित में क्या काम किए, किन समस्याओं का समाधान किया। सोशल मीडिया, अखबार या अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता को बताइए। तब जाकर आपके काम पर मोहर लगेगी।”
संसाधनों के दुरुपयोग और आर्थिक बोझ का आरोप
राणा ने आगे कहा कि सीमित संसाधनों वाले छोटे प्रदेश में अनावश्यक दायित्वधारियों की नियुक्ति विकास कार्यों पर असर डाल रही है। “ये दायित्वधारी राज्य की अर्थव्यवस्था पर बोझ हैं। यदि संसाधनों का उपयोग जनता के हित में नहीं हो रहा तो यह जनता पर आर्थिक बोझ है।”
उन्होंने सभी दायित्वधारियों (जो खुद को राज्य मंत्री भी कहते हैं) से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपने कार्यों की जानकारी जनता के समक्ष रखें।
भाजपा में आंतरिक असंतोष की यह आवाज ऐसे समय में आई है जब पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी हुई है। संदीप राणा का बयान संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की मांग को रेखांकित करता है। अब देखना होगा कि पार्टी और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।