डोईवाला के थानों में जंगली हाथी का कहर, 37 वर्षीय महिला की मौत; ग्रामीणों में आक्रोश

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डोईवाला। देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र के थानों में सोमवार शाम जंगली हाथी के हमले में 37 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जंगल से निकलकर आए हाथी ने धन्याड़ी गांव के पास महिला पर हमला कर दिया और सूंड से उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से देहरादून के सीएमआई अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतका की पहचान अंजली गुप्ता के रूप में हुई है। अंजली का एयरपोर्ट-रायपुर मुख्य मार्ग पर धन्याड़ी में रेस्टोरेंट है। जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7:15 बजे वह घर से दूध लेकर पैदल अपने रेस्टोरेंट की ओर जा रही थीं। इसी दौरान जंगल से सटे क्षेत्र में अचानक एक जंगली हाथी उनके सामने आ गया और उसने अंजली पर हमला कर दिया।

हाथी ने सूंड से उठाकर जमीन पर पटका

हाथी के अचानक हमले से घबराई अंजली ने शोर मचाकर बचने का प्रयास किया, लेकिन हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों की आवाजाही के बाद हाथी वहां से जंगल की ओर चला गया।

हमले में अंजली की कई पसलियां टूट गईं और वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें देहरादून के सीएमआई अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

अस्पताल में अंजली की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भी आक्रोश है।

देर रात डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार धीरेंद्र पंवार सीएमआई अस्पताल पहुंचे और मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। वन विभाग और पुलिस की टीमें भी घटना के बाद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

हाथियों की आवाजाही से ग्रामीण परेशान

ग्रामीणों के अनुसार, थानों क्षेत्र में जंगल से सटे गांवों में लंबे समय से जंगली हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में आने से ग्रामीणों में लगातार भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की रोकथाम के लिए वे लंबे समय से सोलर फेंसिंग लगाने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, इसी वर्ष जनवरी में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भी उन्होंने सोलर फेंसिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग उठाई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

वन विभाग ने बढ़ाई गश्त

वन विभाग के रेंजर एनएल डोभाल ने बताया कि घटना जंगल से बिल्कुल सटे क्षेत्र में हुई है। वन विभाग की टीम मौके के साथ ही अस्पताल में भी मौजूद रही। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा और अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

रेंजर के अनुसार, क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की ओर से गश्त बढ़ाई जा रही है, ताकि दोबारा इस तरह की घटना को रोका जा सके।


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