October 23, 2026

25 साल तक 5.746 रुपये प्रति यूनिट में बिजली खरीदेगा यूपीसीएल, अदाणी पावर से 1320 मेगावाट आपूर्ति को कैबिनेट की मंजूरी

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देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने और भविष्य में बिजली खरीद की लागत में होने वाली अनिश्चितता को कम करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को अदाणी पावर लिमिटेड से अगले 25 वर्षों तक 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की अनुमति दे दी है। बिजली की दर 5.746 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित की गई है।

कैबिनेट ने यूपीसीएल को अदाणी पावर लिमिटेड के साथ विद्युत आपूर्ति समझौते (Power Supply Agreement) समेत अन्य संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने तथा निर्धारित शर्तों को पूरा करने के लिए अधिकृत किया है। इसके साथ ही विद्युत नियामक आयोग से आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए तय हुआ बिजली खरीद का रास्ता

यूपीसीएल ने कोयला आधारित बिजली की दीर्घकालीन खरीद के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया अपनाई थी। इसी प्रक्रिया के तहत विद्युत नियामक आयोग ने बीती 8 जुलाई को अदाणी पावर लिमिटेड के छत्तीसगढ़ स्थित संयंत्र से 1320 मेगावाट बिजली खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

सरकार का मानना है कि दीर्घकालीन बिजली खरीद समझौते से राज्य में बिजली की उपलब्धता को मजबूत आधार मिलेगा। इससे विशेष रूप से पीक डिमांड के दौरान बिजली आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

24 घंटे बिजली आपूर्ति पर जोर

इस समझौते के अमल में आने के बाद उत्तराखंड में उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी। साथ ही, बिजली खरीद की लागत लंबे समय के लिए निर्धारित रहने से भविष्य में बिजली की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी सीमित किया जा सकेगा।

दीर्घकालीन बिजली उपलब्धता से राज्य में औद्योगिक, वाणिज्यिक और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य बढ़ती ऊर्जा मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है।


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