October 12, 2026

जनता के द्वार पहुंच रही धामी सरकार, चम्पावत के बाद हरिद्वार में होगी कैबिनेट बैठक

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हरिद्वार में गंगा पूजन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होगी मंत्रिमंडल की बैठक, जनपदों तक पहुंच रही निर्णय लेने की प्रक्रिया

देहरादून। उत्तराखंड में शासन-प्रशासन को जनता के और करीब लाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार एक नई पहल को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में आज धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा पूजन के उपरांत राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इससे पहले सीमांत जनपद चम्पावत के बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी।

मुख्यमंत्री धामी की इस पहल के तहत अब सरकार की महत्वपूर्ण बैठकें केवल राजधानी देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य स्थानीय समस्याओं, क्षेत्रीय जरूरतों और विकास की प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझते हुए निर्णय लेने की प्रक्रिया को जनपदों तक पहुंचाना है।

शासन को जनता के करीब लाने की पहल

चम्पावत के बाद हरिद्वार में कैबिनेट बैठक का आयोजन सरकार की इसी कार्यशैली को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित होने से स्थानीय परिस्थितियों और विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने का अवसर मिलेगा। साथ ही, सरकार की कार्यप्रणाली में क्षेत्रीय सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

संतुलित विकास पर जोर

उत्तराखंड भौगोलिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से विविधताओं वाला राज्य है। ऐसे में सीमांत क्षेत्रों से लेकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले शहरों तक सरकार की सक्रिय भागीदारी को संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार में होने वाली बैठक भी इसी क्रम में अहम है।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनपदों में कैबिनेट बैठकों के आयोजन को इसी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेने और जनसमस्याओं के समाधान को गति देने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

चम्पावत के बनबसा के बाद हरिद्वार में कैबिनेट बैठक के जरिए सरकार ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर विकास और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने की पहल को आगे बढ़ाया है। यह कदम सरकार और जनता के बीच संवाद, विश्वास तथा सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।


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