October 30, 2026

भर्ती की मांग को लेकर बेरोजगार युवाओं की महारैली, सचिवालय कूच कर सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

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देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में भर्ती की मांग को लेकर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर उतर आया। शुक्रवार को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में प्रदेशभर से देहरादून पहुंचे युवाओं ने परेड ग्राउंड से महारैली निकालकर सचिवालय कूच किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती विज्ञप्ति जारी करने के साथ ही लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग उठाई।

महारैली में शामिल युवाओं ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन लंबे समय से इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही है। वहीं, जिन पदों के लिए पहले से भर्ती प्रक्रिया चल रही है, उनमें विज्ञप्ति जारी होने से लेकर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति तक में अनावश्यक देरी हो रही है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश के युवा लंबे समय से सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और निर्धारित समयसीमा के साथ भर्ती कैलेंडर चाहिए। संघ ने चेतावनी दी कि जब तक युवाओं की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

संघ ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को प्रमुखता से उठाया। इनमें सिंचाई विभाग में प्रतिरूप सहायकों के पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी करने, लोक निर्माण विभाग में अमीन के पदों के लिए नया भर्ती विज्ञापन निकालने तथा शहरी विकास विभाग में अधिशासी अधिकारी, पर्यावरण पर्यवेक्षक और कर संग्रहकर्ता के रिक्त पदों को भरने की मांग शामिल है।

इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला सहायकों की भर्ती शुरू करने, विभिन्न विभागों में रिक्त पुस्तकालयाध्यक्षों के पदों पर विज्ञप्ति जारी करने, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अनुदेशकों के 859 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को भरने की मांग भी उठाई गई।

महारैली के माध्यम से बेरोजगार युवाओं ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि रोजगार का मुद्दा अब केवल ज्ञापन और आश्वासनों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सभी विभागों में रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक किया जाए और भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर और तेज किया जाएगा।


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