नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना अपराध, आयोग ने जताई नाराजगी

Share the Post

देहरादून, 27मार्च 2025(हमारी चौपाल ) उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जाखन क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। पीड़िता के माता-पिता द्वारा लिखे गए पत्र को सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार पोर्टलों पर प्रसारित किए जाने पर आयोग ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने स्पष्ट किया कि किसी भी नाबालिग पीड़िता की जानकारी को सार्वजनिक करना किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन है। यह अधिनियम नाबालिग पीड़ितों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए प्रावधानों का पालन करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की जानकारी का प्रसार पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर कर सकता है, जिससे उनकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आयोग ने इस मामले में कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सभी संबंधित पक्षों को कानून द्वारा निर्धारित गोपनीयता मानकों का पालन करना चाहिए। सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों को चाहिए कि वे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें और पीड़ितों की पहचान और सम्मान की रक्षा करें।

आयोग पुलिस रिपोर्ट का कर रहा इंतजार

डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि आयोग इस प्रकरण पर गंभीरता से नजर बनाए हुए है और पुलिस द्वारा की जा रही जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़िता को न्याय मिले और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रिपोर्टिंग में गोपनीयता के प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी मीडिया संस्थान या व्यक्ति द्वारा नाबालिग की पहचान उजागर करने की पुष्टि होती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह की संवेदनशील जानकारियों को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें और कानून का सम्मान करें।


Share the Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *