कन्या पूजन कर मातृशक्ति को किया नमन, रामनवमी पर दी शुभकामनाएं: राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल

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देहरादून,05अप्रैल 2025(हमारी चौपाल )भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर अपने देहरादून स्थित आवास पर पारंपरिक विधि-विधान से कन्या पूजन कर मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया। इस अवसर पर उन्होंने नौ कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके पांव पखारे, तिलक लगाया, मौली बांधी और पूजन कर उन्हें ताजा बना भोग प्रसाद परोसा। पूजन के पश्चात कन्याओं को दक्षिणा और उपहार भी भेंट किए गए। डॉ. बंसल के इस स्नेहिल व्यवहार से बच्चों में उत्साह और आनंद का वातावरण देखने को मिला।

उन्होंने कहा कि कन्या पूजन नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है और भारतीय संस्कृति में नारी को देवी के रूप में देखा जाता है। यह परंपरा हमें यह याद दिलाती है कि समाज के विकास में नारी की भूमिका सर्वोपरि है। भारतीय मनीषा ने सदियों पहले ही यह उद्घोष किया— “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।

इस अवसर पर रामनवमी के पावन पर्व पर डॉ. नरेश बंसल ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन चरित्र अनुकरणीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर है।

डॉ. बंसल ने कहा, “भगवान श्रीराम का चरित्र हमें त्याग, मर्यादा, कर्तव्यपरायणता और आदर्श जीवन की प्रेरणा देता है। उनके जीवन की प्रत्येक घटना लोकहित, धर्मपालन और जनकल्याण का संदेश देती है। उनके चरित्र की उच्च वृत्तियां हमें शांति, आनंद और आत्मिक संतोष प्रदान करती हैं। आज के समय में जरूरत है कि हम प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करें और उन्हें अपने आचरण में उतारें।”

उन्होंने आगे कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन की प्रेरणा देने वाला पर्व है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना हमें यह सिखाती है कि नारी में शक्ति, करुणा, प्रेम और धैर्य का अद्भुत समन्वय है।

राज्यसभा सांसद डॉ. बंसल के इस आयोजन ने जहां एक ओर भारतीय संस्कृति और परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया, वहीं समाज में नारी सम्मान और राम के आदर्शों को अपनाने का मजबूत संदेश भी दिया।


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