देहरादून। भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में जिला प्रशासन ने शून्य सहिष्णुता की नीति पर चलते हुए सख़्त कार्रवाई की है। लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत सामने आने पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लाखामण्डल और चकराता क्षेत्र के निवासियों ने शपथ पत्र के साथ संयुक्त शिकायत जिलाधिकारी को सौंपी थी, जिसमें ऑडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित पटवारी द्वारा दस्तावेज तैयार करने, दाखिल-खारिज, विक्रय पत्र समेत अन्य राजस्व कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जाति और जनजाति के गरीब लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी।
जिलाधिकारी द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए गए, जिसके बाद निष्पक्ष और पारदर्शी जांच को आवश्यक मानते हुए उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर निलंबन के आदेश जारी किए गए। प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है, जिन्हें एक माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा है कि भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।