नदी की धारा मोड़ने से 150 मीटर सड़क बह गई

Share the Post

सरकार को करीब छह करोड़ की चपत

सहस्रधारा से लेकर मालदेवता और सरखेत तक नदी किनारे अवैध निर्माणों ने आपदा को न्योता दे दिया है। नदी की ज़मीन पर कब्जा कर खड़े किए गए आलीशान रिसोर्ट और होटल अब प्रशासन की आंखों में चुभने लगे हैं। यही लापरवाही गुरुवार को बांडावाली खैरी मान सिंह इलाके में उजागर हुई, जहां स्पर्श फर्म एंड रिसोर्ट के संचालक ने अपने धंधे को बचाने के लिए नदी की धारा ही मोड़ डाली। जिसका परिणाम यह रहा कि मूसलाधार बारिश के दौरान पानी का रुख सड़क की तरफ हो गया और 150 मीटर सड़क पूरी तरह बह गई। प्रारंभिक अनुमान में सरकार को करीब छह करोड़ की चपत लगी है।

गुरुवार को आपदाग्रस्त क्षेत्रों के निरीक्षण पर पहुंचे जिलाधिकारी सविन बंसल ने जब हकीकत देखी तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। डीएम ने साफ चेतावनी दी – “सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कीमत चुकानी होगी।” उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए नुकसान की पूरी वसूली स्पर्श रिसोर्ट संचालक से करने के निर्देश दिए। यही नहीं, कब्जाई गई नदी भूमि की जांच कर उसे तत्काल वापस लेने के आदेश भी जारी हुए। फिलहाल, लोनिवि ने सड़क बचाने के लिए नदी को चैनलाइज करने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन सवाल यही है कि आखिर कब तक अधिकारियों की आंखों के सामने इस तरह की मनमानी चलती रहेगी?

 


Share the Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *