देहरादून में भू-माफियाओं का आतंक: अवैध प्लाटिंग के लिए हरे-भरे आम के पेड़ों की कटाई

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HamariChoupal,17,02,2025

 

देहरादून जिले के फलदार क्षेत्रों में अवैध पेड़ काटने की दुष्प्रवृत्ति लगातार जारी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि प्रतिदिन हरे-भरे पेड़ धराशायी हो रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं। इस अवैध गतिविधि से न केवल पर्यावरण को खतरा उत्पन्न हो रहा है, बल्कि स्थानीय राजस्व भी भारी नुकसान झेल रहा है।

प्राकृतिक सौंदर्य की बर्बादी

ग्राम पंचायत कंडोली के ग्राम विडास में हरे-भरे आम के पेड़ों की कटाई ने पर्यावरण प्रेमियों को झकझोर दिया है। सैकड़ों आम के पेड़ काटे जा चुके हैं, और गिरते पेड़ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को नष्ट कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है कि इस इलाके में अवैध कटाई हो रही है, लेकिन वर्तमान स्थिति ने इसे एक गंभीर चिंता का विषय बना दिया है।

जल संकट और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा

स्थानीय निवासियों को चिंता है कि यदि यह अवैध कटाई जारी रही, तो प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए उन्हें तैयार रहना होगा। जल स्रोतों में कमी और गर्मी की बढ़ती तीव्रता का कारण भी यही अवैध गतिविधियाँ हैं। यह न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि स्थानीय वन्यजीवों के लिए भी एक बड़ा संकट उत्पन्न कर रहा है।

प्रशासन की चुप्पी और सुरक्षा बलों की लापरवाही

इस स्थिति का समाधान करने के लिए वन विभाग, उद्यान विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग को एक संगठित प्रयास करना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश, वन रक्षकों की हड़ताल ने समस्या को और बढ़ा दिया है। अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाएगा, या यह केवल दिखावे की कार्रवाई तक सीमित रहेगा?

भू-माफियाओं का बढ़ता हौसला

इस अवैध कटाई से न केवल पेड़-पत्ते कट रहे हैं, बल्कि भू-माफिया मालामाल हो रहे हैं। उन्हें इस मौके का पूरा फायदा मिल रहा है, जबकि प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। यह स्थिति न केवल जंगलों के लिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक बड़ा खतरा है।

प्रशासन का अनुदान और विभागों की मिलीभगत

हालांकि जिलाधिकारी का डंडा अवैध प्लाटिंग करने वालों पर लगातार जारी है और प्रशासन अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन भू-माफियाओं पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। ऐसा प्रतीत होता है कि इन माफियाओं को प्रशासन का कोई भय नहीं है और ना ही जिलाधिकारी की सख्ती की कोई परवाह है। उद्यान विभाग, वन विभाग, एमडीडीए और राजस्व विभाग को इस अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, लेकिन विभागों की संदिग्ध चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

विकासनगर: अवैध प्लाटिंग का गढ़

विकासनगर तहसील में इन दिनों अवैध प्लाटिंग जोरों पर है। भू-माफिया बेखौफ होकर हरे-भरे पेड़ों पर आरी चला रहे हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। प्रशासन को इस मामले में जल्द सख्त कदम उठाने होंगे, वरना यह केवल सुर्खियों तक ही सीमित रह जाएगा।

आगे की राह

इस स्थिति को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यदि प्रशासन अब भी चुप रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब हम गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करेंगे। इस प्रकार की परेशानियों पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है, अन्यथा यह नासमझी का खेल आम जनजीवन को प्रभावित करेगा।


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