रूट कैनाल के बाद दांतों की देखभाल बेहद जरूरी, जानें क्यों

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HamariChoupal,19,02,2025

 

रूट कैनाल के बाद दांतों की देखभाल ना केवल उस दांत को स्वस्थ रखती है जिसका उपचार हुआ है, बल्कि पूरे मुंह के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है. लेकिन इस प्रक्रिया के बाद चिकित्सक द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन करना और दांतों की नियमित देखभाल करना बहुत जरूरी है. याद रखें, दांतों की सही देखभाल ना केवल आपकी मुस्कान को बचाती है, बल्कि आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है
जरूरी है रूट कैनाल के बाद दांतों की विशेष देखभाल
रूट कैनाल एक सामान्य डेंटल प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य खराब दांत का उपचार करना और उसे बचाना तथा दर्द से राहत दिलाना होता है. इस प्रक्रिया को लेकर लोगों में यह आम धारणा देखी जाती हैं कि रूट कैनाल के बाद दांत पूरी तरह ठीक हो जाते हैं और उनकी देखभाल की जरूरत नहीं होती है. लेकिन असल में, इस प्रक्रिया के बाद दांतों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है. रूट कैनाल के बाद अगर चिकित्सक द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन ना किया जाए, तो दांतों में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
क्या कहते हैं चिकित्सक
हेल्थ केयर विशेषज्ञ बताते हैं कि रूट कैनाल एक डेंटल प्रक्रिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य संक्रमित या क्षतिग्रस्त दांत को बचाना होता है. जब दांत के अंदर मौजूद नरम ऊतक (जिसे पल्प कहा जाता है) संक्रमण या चोट के कारण खराब हो जाता है, तो डॉक्टर इसे हटाकर दांत को साफ करते हैं. इसके बाद दांत के अंदर की जगह को भरकर सील कर दिया जाता है. दांत को सील करके क्राउन (सुरक्षा कवच) लगाया जाता है ताकि दांत मजबूत बना रहे. यह प्रक्रिया दांत को निकालने से बचाने का एक प्रभावी तरीका है. रूट कैनाल के बाद खराब दांत को निकालने की जरूरत नहीं पड़ती, और यह लंबे समय तक उपयोगी बना रहता है लेकिन इस प्रक्रिया के कुछ प्रभाव भी रहते हैं जैसे उपचार किए गए दांत की संवेदनशीलता कम हो जाती है क्योंकि रूट कैनाल के बाद दांत में नसें नहीं रहतीं. वहीं रूट कैनाल के बाद दांत की संरचना भी कमजोर हो जाती है, इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए क्राउन लगाना जरूरी है.
वह बताते हैं कि इस प्रक्रिया के बाद दांतों को विशेष देखभाल की जरूरत होती हैं. यदि ऐसा ना किया जाए तो कई तरह की समस्याएं परेशान कर सकती हैं, जैसे रूट कैनाल के बाद दांत की सही देखभाल ना करने से आसपास के दांत भी प्रभावित हो सकते हैं, उचित सफाई ना होने पर बैक्टीरिया दांतों में संक्रमण फैला सकते हैं तथा दांतों के आसपास सूजन या मसूड़ों में दर्द हो सकता है. वहीं चूंकि इस प्रक्रिया के बाद दांत कमजोर हो जाते हैं ऐसे में उनके दांत टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है.
रूट कैनाल के बाद देखभाल
वह बताते हैं कि हालांकि रूट कैनाल एक सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है, लेकिन इसके बाद दांतों की विशेष देखभाल जरूरी होती है. सही देखभाल से आप अपने दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रख सकते हैं. इसके लिए कुछ बातों व सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी हैं जिनमें से कुछ प्रकार हैं.
नियमित रूप से डेंटिस्ट से फॉलो-अप कराएं, उनके द्वारा दी गई सलाह का पालन करें तथा अपना मेडिकेशन यानी दवाइयां समय पर लें.
सही तरीके से ब्रश और फ्लॉस करें. इसके लिए हल्के ब्रश का इस्तेमाल करें और दांतों को धीरे-धीरे साफ करें. साथ ही फ्लॉसिंग से दांतों के बीच की सफाई करें.
मुंह की सफाई का विशेष ध्यान रखें. दिन में दो बार ब्रश करने के अलावा एंटीसेप्टिक माउथवॉश का उपयोग भी लाभकारी होता है.
संतुलित आहार का ध्यान रखें. पौष्टिक भोजन करें, जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा ज्यादा हो.
नट्स और बर्फ आदि सख्त चीजों तथा मिठाई व अन्य चिपचिपी चीजों को चबाने व खाने से बचें.
दांतों का सुरक्षा कवच (क्राउन) जरूर लगवाएं क्योंकि क्राउन रूट कैनाल के बाद दांतों को टूटने से बचाने का कार्य करता है.
दांतों पर अधिक दबाव डालने वाली आदतें, जैसे नाखून चबाना, दांतों से पैकेट खोलना और पेन या पेंसिल चबाना, आदि को छोड़ दें.


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