जानें,अनजाने हम सभी कर रहे हैं माइक्रोप्लास्टिक का सेवन, इन तरीकों से करें कम

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घर की रसोई में जिन खाद्य पदार्थों का हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं, इन दिनों उनमें प्लास्टिक की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। प्लास्टिक के इन महीन कणों को माइक्रोप्लासटिक कहा जाता है, जो 5 मिलीमीटर से भी छोटे होते हैं और इन्हें देख पाना मुश्किल होता है।
इन कणों को 2 प्रकार (प्राथमिक माइक्रोप्लास्टिक्स और द्वितीयक माइक्रोप्लास्टिक्स) में बांटा जाता है। आप माइक्रोप्लासटिक के सेवन को कम करने के लिए ये टिप्स अपना सकते हैं।
प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना बंद करें
ज्यादातर लोग घर से बाहर निकलते ही प्लास्टिक वाली पानी की बोतल खरीद लेते हैं। हालांकि, ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
अमेरिका के एक अध्ययन में सामने आया है कि बोतलबंद पानी में लाखों छोटे-छोटे प्लास्टिक के कण होते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं। एक लीटर बोतलबंद पानी में औसतन 2.40 लाख माइक्रोप्लास्टिक होते हैं।
इसीलिए, आपको प्लास्टिक की बोतल के बजाय स्टील, तांबे या अन्य धातुओं वाली बोतल में पानी पीना चाहिए।
नल के पानी को फिल्टर करें
माइक्रोप्लास्टिक आमतौर पर नल के पानी को दूषित करते हैं। नल के पानी में ये प्लास्टिक के कचरे और वायुमंडलीय जमाव जैसे स्रोतों के जरिए प्रवेश करते हैं।
इसे पीने से आप बीमार पड़ सकते हैं या आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है। ऐसे में आपको पीने से पहले नल के पानी को अच्छी तरह फिल्टर कर लेना चाहिए।
घर में आरओ लगवाएं या अन्य तरीकों को अपनाकर पानी को शुद्ध करने का प्रयास करें।
पैकेट वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें
बाजार में बिकने वाले सभी खाद्य पदार्थों के पैकेट प्लास्टिक के ही होते हैं, फिर चाहे वो चिप्स हो या इंस्टेंट नूडल्स।
माइक्रोप्लास्टिक का सेवन कम करने के लिए आपको अपने खान-पान से प्लास्टिक के पैकेट वाले खाद्य पदार्थों को भी बाहर कर देना चाहिए। इनके बजाय ताजी सब्जियां और फल खरीदें और उन्हें कपड़े के थैलों में रखकर घर ले जाएं।
इसके अलावा, ऐसे प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को खरीदें, जो कांच, कपड़े या कागज वाली पैकेजिंग में बिकते हों।
जांचने के बाद ही नमक और चीनी खरीदें
हमारी रसोई में खान-पान के लिए रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीनी और नमक में भी प्लास्टिक के कण पाए जाते हैं।
एक अध्ययन में कहा गया है कि भारत में बिकने वाले सभी ब्रांड के नमक और चीनी में माइक्रोप्लास्टिक मौजूद होते हैं। ऐसे में आपको अपनी ओर से जांच करनी चाहिए और उसके बाद ही नमक और चीनी का चुनाव करना चाहिए।
आप चीनी की जगह पर गुड़, खजूर या शहद का सेवन भी कर सकते हैं।
सिंगल यूज प्लास्टिक को अलविदा कहें
भारत में हर छोटी-बड़ी पार्टी या समारोह में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल जरूर किया जाता है।
हालांकि, ये स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक होते हैं, क्योंकि इनमें बहुत ज्यादा मइक्रोप्लास्टिक मौजूद होता है। आपको प्लास्टिक के डिस्पोजेबल कप, गिलास, प्लेट, कटोरी और चम्मच का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
इनकी जगह पर पत्तों से बनने वाले बर्तनों में खाना खाएं, जो कि सुरक्षित विकल्प होते हैं। रोजाना के खान-पान में स्टील के बर्तन ही इस्तेमाल करें।


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