चारधाम यात्रा 2025: दर्शन अब आसान, टोकन सिस्टम होगा प्रभावी

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देहरादून,15अप्रैल 2025(हमारी चौपाल ) इस वर्ष चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद इस बार केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में दर्शन के लिए टोकन सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था से तीर्थयात्रियों को अब दर्शन के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
पिछले वर्ष भी इस व्यवस्था को लागू करने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया था। कपाट खुलने के दिन केदारनाथ धाम में अप्रत्याशित भीड़ के कारण दर्शन के लिए दो से तीन किलोमीटर तक लंबी कतारें लग गई थीं। इस अनुभव से सबक लेते हुए, इस बार राज्य सरकार और पर्यटन विभाग ने धामों में भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने और दर्शन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी चारधाम में दर्शन के लिए स्लॉट मैनेजमेंट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत, जब तीर्थयात्री धाम में पहुंचेंगे तो उन्हें अपने यात्रा पंजीकरण के आधार पर एक टोकन प्रदान किया जाएगा। इस टोकन में दर्शन करने के लिए एक निर्धारित समय अंकित होगा। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि तीर्थयात्रियों को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लंबी लाइनों में खड़े नहीं रहना पड़ेगा। टोकन मिलने के बाद, वे उस समय का उपयोग धाम के आसपास के शांत और सुंदर वातावरण का आनंद लेने में कर सकेंगे और निर्धारित समय पर आसानी से दर्शन कर पाएंगे।
यह व्यवस्था न केवल तीर्थयात्रियों के समय को बचाएगी बल्कि धामों में भीड़ को भी व्यवस्थित करने में सहायक होगी, जिससे सभी को सुरक्षित और आरामदायक दर्शन का अनुभव मिल सकेगा। पर्यटन विभाग का मानना है कि इस सुव्यवस्थित टोकन प्रणाली से चारधाम यात्रा और भी अधिक सुगम और यादगार बनेगी।
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा पर आने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। अब तक इस वर्ष की यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 17 लाख को पार कर चुका है। इनमें केदारनाथ धाम के लिए सर्वाधिक 5.73 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 5.04 लाख, गंगोत्री के लिए 3.01 लाख और यमुनोत्री धाम के लिए 2.78 लाख तीर्थयात्रियों ने अपना पंजीकरण कराया है। पंजीकरण की यह भारी संख्या इस वर्ष यात्रा में आने वाली श्रद्धालुओं की बड़ी तादाद को दर्शाती है, जिसके प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
पर्यटन विभाग श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे यात्रा पर आने से पहले अपना पंजीकरण अवश्य करा लें और धाम में पहुंचने पर टोकन प्राप्त कर दर्शन प्रक्रिया में सहयोग करें। यह नई पहल निश्चित रूप से चारधाम यात्रा को एक नया और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगी।


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