देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस प्रक्रिया को लेकर भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जबकि उन्हें अपने शासनकाल के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं के इतिहास पर भी नजर डालनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में भी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया होती रही है, लेकिन उस समय कांग्रेस ने इस पर आपत्ति नहीं जताई। अब इसी प्रकार की प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस के दोहरे मापदंड को उजागर करता है।
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना
सीएम धामी ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो सके। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
राजनीतिक हताशा में संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल: धामी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध को उनकी राजनीतिक हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस संवैधानिक प्रक्रियाओं पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। सीएम धामी के अनुसार, कांग्रेस अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता से असहज है और इसी कारण जनहित एवं पारदर्शिता से जुड़े विषयों पर भी भ्रम और विवाद पैदा कर रही है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास बनाए रखना जरूरी
सीएम धामी ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अपना महत्व है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखने और भ्रम फैलाने से बचने की अपील की।
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