देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹84 लाख 70 हजार की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले में वांछित अभियुक्त को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान यासीन युसूफ मनेर (45 वर्ष), निवासी मिरज, जिला सांगली, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। आरोपी देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में वांछित चल रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड के निर्देश पर साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमा संख्या 75/2024 की विवेचना के दौरान आरोपी यासीन युसूफ मनेर का नाम सामने आया था। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत दर्ज है।
जांच में सामने आया कि सितंबर 2024 में शिकायतकर्ता द्वारा आरोपी से संबंधित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रथम लेयर के बैंक खाते में ₹29 लाख 50 हजार की धनराशि ट्रांसफर की गई थी। इस मामले में कुल साइबर धोखाधड़ी की धनराशि ₹84 लाख 70 हजार बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज एक अन्य मुकदमा संख्या 71/2024 में भी वांछित था। उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस भेजे गए थे, लेकिन नोटिस की जानकारी मिलने के बावजूद वह विवेचना में शामिल नहीं हुआ और न ही पुलिस के समक्ष उपस्थित हुआ।
इसके बाद एसटीएफ की साइबर टीम ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र के जिला सांगली में दबिश दी। स्थानीय स्तर पर सुरागरसी-पतारसी के बाद पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को यासीन युसूफ मनेर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया।
एसटीएफ की साइबर टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई को निरीक्षक विजय भारती, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट और अपर उपनिरीक्षक गोपाल बिष्ट की टीम ने अंजाम दिया।
एसटीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधों में संलिप्त आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी की धनराशि को संबंधित खातों में फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
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