हरीश रावत का राज्य सरकार पर हमला, बदहाल सड़कों और पलायन पर जताई चिंता

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अल्मोड़ा(आरएनएस)। न्याय यात्रा के तहत सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अल्मोड़ा  पहुंचे। नगर के एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में सड़कें नहीं रह गई हैं। क्वारब में सड़क समस्या के समाधान को दो वर्ष बीत चुके हैं, जबकि कैंची धाम क्षेत्र में लोग बीते चार वर्षों से जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। रावत ने बताया कि उन्होंने पूर्व में सरकार के समक्ष कालाढूंगी-बेतालघाट-भुजान मार्ग के रास्ते बाईपास बनाने का सुझाव रखा था, परंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इन मार्गों की स्थिति के कारण चमोली, अल्मोड़ा(आरएनएस)। , बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों की जनता को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भले ही गड्ढामुक्त सड़कों का दावा कर रही हो, लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य की अधिकांश सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं। चारधाम यात्रा मार्ग पर भी कई स्थानों पर सड़कों की स्थिति खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में डामर की गुणवत्ता भी खराब है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अधिकांश कार्य गुजरात के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे जनता को नुकसान हो रहा है। रावत ने आरोप लगाया कि राज्य की संपत्तियां भी अब राज्यवासियों के हाथों में नहीं रहीं। गंगा से लेकर रामगंगा तक नदी घाटियों में बाहरी लोगों ने सस्ती दरों पर जमीन खरीद ली है। सरकार खुद लैंड डीलर बन गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की पैतृक संपत्ति आज खतरे में है। शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए रावत ने कहा कि सरकार स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति तक नहीं कर पा रही है। अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। राज्य में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के कई पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य इसीलिए नहीं बनाया गया था कि शिक्षा व्यवस्था राम भरोसे छोड़ दी जाए।
गैरसैंण मुद्दे पर रावत ने कहा कि धामी सरकार में ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण का अवमूल्यन हो रहा है। केवल बोर्ड लगाने से राजधानी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि राज्य के संतुलित विकास की अवधारणा प्रभावित हो रही है और राज्य को इस पर गंभीरता से चिंतन करना चाहिए। पलायन की समस्या पर बोलते हुए रावत ने कहा कि राज्य में पलायन बढ़ने से सामाजिक और आर्थिक असंतुलन गहराता जा रहा है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान कमजोर वर्गों को हो रहा है, जबकि केवल 20-25 प्रतिशत समृद्ध वर्ग इसका लाभ उठा रहा है। भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए रावत ने कहा कि 2017 में झूठ फैलाया गया कि कांग्रेस सरकार ने जुमे की नमाज के लिए छुट्टी घोषित की थी, जबकि आज तक उसका कोई गजट नोटिफिकेशन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि 2022 में भी यह झूठ फैलाया गया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाएगी, जो पूरी तरह बेबुनियाद था। रावत ने कहा कि कांग्रेस झूठ का शिकार हुई और राज्य लूट का शिकार हुआ। पत्रकार वार्ता में विधायक मनोज तिवारी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष भूपेंद्र भोज, महानगर अध्यक्ष तारा जोशी, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष राधा बिष्ट, गीता मेहरा, पूरन रौतेला, राजेंद्र बाराकोटी सहित कई अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।


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