देहरादून। उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों में मिलावट, बरसात के मौसम में बढ़ते वायरल संक्रमण और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनस्वास्थ्य और मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य पदार्थों में मिलावट पर तत्काल कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में बिकने वाला प्रत्येक खाद्य पदार्थ शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मिलावट की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इस दिशा में लगातार सक्रिय हैं और जिला स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों को गंभीरता से लेने और कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
डेंगू, स्वाइन फ्लू और वायरल फीवर को लेकर अलर्ट
बरसात के मौसम में बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में वायरल फीवर, स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को पहले से पूरी तैयारी रखने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लोगों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी करने और संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संक्रमण की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त तैयारी और संसाधनों के साथ तैयार रहना होगा।
SIR को लेकर बोले CM धामी- मतदाता सूची का शुद्ध होना जरूरी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष तरीके से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया संचालित कर रहा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मतदाता सूची में ऐसे नाम हैं, जो वास्तव में अस्तित्व में नहीं हैं या किसी व्यक्ति का नाम पहले से किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में दर्ज है, तो ऐसे नामों का सूची में बने रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित करना है।
‘फर्जी वोट हैं तो क्यों रहें?’
मुख्यमंत्री धामी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में अस्तित्व में नहीं है या उसका नाम पहले से किसी अन्य स्थान पर दर्ज है, तो उसका नाम मतदाता सूची में क्यों रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इस प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि मतदाता सूची में केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम ही दर्ज रहें।
विपक्ष के विरोध पर भी साधा निशाना
SIR के विरोध को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने विपक्षी राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है, तो इसके पीछे यह कारण हो सकता है कि पूर्व में मतदाता सूची में ऐसे नाम शामिल रहे हों, जो वैध नहीं थे और अब उनके हटाए जाने से संबंधित दल को परेशानी हो रही हो।
हालांकि, यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मतदाता सूची में गलत या फर्जी प्रविष्टियां नहीं रहनी चाहिए और SIR के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।