October 9, 2026

हल्द्वानी में व्यापारी सम्मेलन: सीएम धामी ने कीं आठ बड़ी घोषणाएं, व्यापारियों को राहत और सुविधाएं देने पर जोर

Share the Post

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के हित में आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत, उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन, पर्यटन व्यवसाय के लिए सरल पंजीकरण, होमस्टे का विस्तार और चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े उद्योगों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान देता है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

व्यापारियों के हित में ये आठ घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए निम्नलिखित घोषणाएं कीं—

  1. आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत: प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
  2. उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन: राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।
  3. दुर्घटना बीमा का प्रचार-प्रसार: जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से जुड़ी जानकारी का व्यापक प्रचार किया जाएगा, जिससे पात्र आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
  4. पर्यटन व्यवसाय का पंजीकरण सरल: पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनाई जाएगी और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
  5. होमस्टे सुविधाओं का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
  6. चारधाम मार्ग पर पार्किंग: चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।
  7. सड़कों और नालियों की मरम्मत: राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी।
  8. श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

206 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापार और निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए निवेश मित्र व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखंड में भी स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की स्टार्टअप नीति के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, औद्योगिक विकास को मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भी रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने के उद्देश्य से भूमि चिह्नित की गई है।

व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। व्यापारियों को भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराने के साथ अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर से राहत दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान और निरंतर संवाद पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के व्यापारी स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित कर सकें। उन्होंने व्यापारियों से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत और सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


Share the Post