25 लाख की ठगी में अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्य पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार

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देहरादून। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने 24.95 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल से गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखंड अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि देवभूमि उत्तराखंड को अपराधमुक्त बनाने के मिशन के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

देहरादून निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात ठगों ने उनके मोबाइल फोन को हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए तथा कंपनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस पर मुकदमा नंबर 14/2026 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम पुलिस ने बैंकों, टेलीकॉम कंपनियों और मेटा से डेटा प्राप्त कर विश्लेषण किया। जांच में पश्चिम बंगाल के आरोपी सामने आए। 14 जून 2026 को इंस्पेक्टर आशीष गुसाईं के नेतृत्व में टीम रवाना हुई और 18 जून 2026 को रानाघाट, पश्चिम बंगाल से दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।

अभियुक्त

• तपन बिस्वास (45 वर्ष), पुत्र कल्पनाथ बिस्वास, निवासी खामरकल्ला, थाना गोपालनगर, जिला नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।

• उत्तम कुमार दास (38 वर्ष), पुत्र सत्यरंजन दास, निवासी पल्ला बेल्टा, थाना गोपालनगर, जिला नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल।
पूछताछ में खुलासा

दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे और बदले में आर्थिक लाभ लेते थे। उत्तम कुमार दास ने अपने नाम पर भी कई बैंक खाते खोलकर उनके डेबिट कार्ड और सिम ठगों को सौंपे। तपन बिस्वास ने संदिग्ध खातों के संचालन और ठगी की राशि के ट्रांजेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उत्तम कुमार दास के खाते में शिकायतकर्ता की ठगी गई राशि की दूसरी लेयर ट्रांसफर होने के साक्ष्य मिले हैं।

बरामदगी

• विभिन्न बैंकों के 13 डेबिट/एटीएम कार्ड
• 03 मोबाइल फोन
• विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड एवं सिम कवर
• पासबुक, चेकबुक, ब्लैंक चेक
• बैंक खाता खोलने के फॉर्म एवं संबंधित दस्तावेज


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